कुंडली में पितृ दोष होने के कारण

कुंडली में पितृ दोष होने के कारण

नमस्ते दोस्तों, आज हम आपको कुंडली में पितृदोष होने के कारण बताने वाले हे | कुंडली में पितृदोष होने के कारण हमेशा कोई ना कोई समस्या जरूर आती है, जिन लोगों के कुंडली में पितृ दोष होता है उन लोगों की शादी होना भी नामुमकिन बन जाता है | जिसके कारण बहुत सारे लोग हमेशा चिंता में नजर आते हैं, इसीलिए आज हम आपको पितृ दोष होने के लक्षण कारण और निवारण उपाय बताने वाले हैं | देखा जाए तो बहुत कम लोग कुंडली पर विश्वास रखते हैं, क्योंकि यह दुनिया पूरी तरह से आधुनिक हो चुकी है |

कुंडली में पितृ दोष होने के कारण
कुंडली में पितृ दोष होने के कारण

दोस्तों दुनिया आधुनिक होने के बावजूद भी आपने कुंडली पर विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि कुंडली का अभ्यास करने के बाद ही हमें समझता है कि हमारे कुंडली में क्या है | हमारे जीवन के सारे घटनाओं का और परिस्थितियों का अभ्यास करने के लिए कुंडली बहुत ही जरूरी होती है, जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है वह हमेशा तनाव में नजर आते हैं | कुंडली में पितृदोष होने के कारण इंसान के जिंदगी में कभी भी तरक्की नहीं होती है, इसलिए आज हम आपको कुंडली में पितृदोष होने के कारण बताने वाले हैं |

कुंडली में पितृ दोष होने के कारण -:

  • कई बार हम देखते हैं कि हमारे घर में हमारा कोई पूर्वज गुजर जाता है, लेकिन बहुत सारे लोग फैमिली में गुजर जाने के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है | दोस्तों हमारे पूर्वज का अगर अंतिम संस्कार हम नहीं करेंगे तो हमारे जिंदगी में पितृदोष की समस्या हमेशा रहेगी |
  • इसलिए पूर्वज की मृत्यु के पश्चात अंतिम संस्कार होना सबसे ज्यादा जरूरी होता है | नहीं तो आपके जिंदगी में सारी बातें हमेशा अधूरी रहेगी, आपकी अगली पीढ़ी कभी भी अच्छी जिंदगी नहीं जी पाएंगे | परिवार में हर किसी के कुंडली में पितृदोष होना मृत्यु का संकेत होता है, इसलिए वक़्त पर ही पितृ दोष होने के लक्षण जान लें |
  • जिन लोगों के कुंडली में पितृ दोष होता है, उन लोगों को हमेशा किसी ना किसी समस्या से गुजरना पड़ता है | जैसे कि विवाह ना होने की समस्या, विवाहित जीवन में झगड़ा होना, पढ़ाई में मन ना लगना, तरक्की ना होना, इन सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है | बहुत सारे लोगों के कुंडली में पितृ दोष होने के कारण उन्हें नौकरी नहीं मिलती है |
  • हिंदू धर्म के अनुसार पिता की मृत्यु होने के बाद पुत्र ने पिता का श्राद्ध कर्म पूरा करना चाहिए | श्राद्ध कर्म पुरा ना करने से पुत्र के कुंडली में पितृदोष बरकरार रहता है | जिसके कारण पुत्र के जीवन में तरक्की नहीं होती है और पिता के आत्मा को शांति नहीं मिलती है | इसी वजह से लोग हमेशा पुत्र प्राप्ति की कामना रखते हैं | जिसके कारण पिता को मरने के बाद शांति मिलती है |
  • कुंडली में सूर्य, मंगल और शनि का प्रभाव ज्यादा होने के कारण भी पितृदोष आता है जिन लोगों को पुत्र प्राप्ति नहीं होती है | उन लोगों को बृहस्पति और राहु स्थिति को जान लेना चाहिए और पित्रुदोष को निकालना चाहिए, नहीं तो आप जिंदगी में खुश नहीं रहोगे |
  • यदि कोई बच्चा अपने हाथों से अपने पिता की हत्या करता है तो उस बच्चे के जीवन में मरने के बाद भी पितृ दोष होता है | अगर आपके हाथों से ऐसा कुछ हुआ है तो पित्रुदोष का सामना आपको जिंदगी भर करना पड़ेगा | पितृ दोष का निवारण करने के लिए आध्यात्मिक गुरु की मदद लें |
  • पितृ दोष के निवारण के लिए पीपल के पेड़ को रोजाना जल डाले, बृहस्पतिवार के दिन शाम को पीपल के पेड़ की जड़ में जरूर डालें जिससे पित्रुदोष बिल्कुल कम हो जाएगा |
  • पितृदोष कम करने के उपाय अजमाते वक्त रोजाना सुबह उठने के बाद सूर्य को जल दिखाएं | जिससे आपके कुंडली से शुक्लपक्ष धीरे-धीरे कम होने लगेगा और पितृदोष बिल्कुल कम हो जाएगा | जिंदगी में हमेशा पूर्वजों का आशीर्वाद लें, हर शनिवार को हनुमान जी के और राम जी के मंदिर में जा कर हनुमान जी की पूजा करें |
  • हिंदू धर्म में जन्म लेने के बाद भी अगर आपने बहुत सारे पाप किए होंगे तो आपने आपके कर्म सुधारणे चाहिए | कर्म सुधारने के लिए खुद को जीने के लायक बनाए, हर किसी को मदद करें हमेशा ध्यान रखें कि आपके हाथों से कोई गलत काम ना हो |

यह थे कुंडली में पितृदोष होने के कारण | दोस्तों अगर आपको हमें कोई सवाल पूछना है तो आप हमें नीचे दिए गए हुए कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हो |

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