बच्चों के बुखार के लिए घरेलू रामबाण उपाय

बच्चों के बुखार के लिए घरेलू रामबाण उपाय

नमस्ते दोस्तों, आज हम आपको बच्चों के बुखार के लिए घरेलू रामबाण उपाय बताने वाले हैं | अक्सर हम देखते हैं कि छोटे बच्चे क्लाइमेट चेंज होने के तुरंत बाद बीमार हो जाते हैं | जब छोटे बच्चों को बुखार आता है तब आपने इस बात को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए | क्योंकि बुखार किसी बड़े रोग का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है, हम देखते हैं कि बहुत सारे लोग छोटे बच्चों को बुखार आने के बाद भी इस बात को नजरअंदाज करते रहते हे |

बच्चों के बुखार के लिए घरेलू रामबाण उपाय
बच्चों के बुखार के लिए घरेलू रामबाण उपाय

कई बार इस बुखार का रूपांतर डेंगू क्या मलेरिया में हो जाता है, दोस्तों डेंगू और मलेरिया यह दोनों लोग इतने डेंजरस है कि कई बार बच्चों की जान भी ले सकते हैं | जिन छोटे बच्चों को हमेशा फीवर होता है, उन बच्चों को डेंगू मलेरिया होने की संभावना ज्यादा होती है | कई बार बच्चों को इंजेक्शन भी होता है, क्योंकि बच्चे दिनभर गंदगी में खेलते रहते हैं, जिसके कारण इंफेक्शन हो कर उन्हें बुखार हो सकता है | इसलिए आज हम आपको छोटे बच्चों को बुखार हो तो इलाज के लिए क्या करें के बारे में जानकारी देने वाले हैं | जिससे आपका शिशु कभी भी बीमार नहीं होगा, इन तरीकों के साथ-साथ बच्चों के बुखार के लिए आयुर्वेदिक तरीके भी हम आपको बताने वाले है |

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बच्चों के बुखार के लिए रामबाण घरेलू उपाय -:

बच्चों को बुखार होने के कारण -:

बच्चों को बुखार होने के कारण
बच्चों को बुखार होने के कारण
  • हम देखते हैं कि बच्चों को बुखार होने पर मां बाप बिल्कुल डर जाते हैं | साइंटिफिकली देखा जाए तो बच्चों को बुखार आने पर डरने की कोई बात नहीं होती है | क्योंकि जब शिशु जन्म लेता है तब उसके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता नहीं होती है | मनुष्य के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है, जिसके कारण मनुष्य किसी भी बीमारी को भगा सकता है |
  • लेकिन छोटे शिशु में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, छोटे बच्चे दिनभर गंदगी में दोस्तों के साथ खेलते रहते है, जिसके कारण उनके मुंह में कई बार गंदगी जाती है | जिससे उन्हें थकावट महसूस होती है, और वह बीमार हो जाते हे | हम देखते हैं कि गर्मी के दिनों में बच्चों को अचानक से ठंड महसूस होने लगती है, बच्चों को जब अचानक ठंड महसूस होती है तब आपने समझ जाना है कि बच्चे को जुखाम हुआ है | बच्चों का जुखाम अगर ठीक नहीं होता है तो बच्चों को बुखार आता है, जिससे बच्चे बिल्कुल लूज हो जाते है |
  • बारिश के दिनों में अगर आप कहीं बाहर घूमने जा रहे हो तब बच्चे को बुखार आने की संभावना ज्यादा होती है | क्योंकि बारिश का पानी बच्चे के सिर में जा कर बच्चे को सर्दी हो जाती है | इसलिए जैसे-जैसे मौसम में बदलाव होता है वैसे-वैसे बच्चे की निगाह रखनी जरूरी होती है |

बच्चों को बुखार के लक्षण -:

बच्चों को बुखार के लक्षण
बच्चों को बुखार के लक्षण
  • शिशु की निगाह रखना बहुत ज्यादा जरूरी होता है | क्योंकि शिशु थोड़े ही वक्त में बीमार हो सकता है, अगर आपको पता नहीं है कि बच्चों को बुखार आने पर क्या होता है तो आपने बच्चों को बुखार आने के लक्षण बताना जरूरी है | बच्चों को जब बुखार आता है तब बच्चों को अचानक ठंड लगने लगती है, बच्चे को अगर ठंड लगती है तो आपने समझ जाना है कि थोड़ी देर बाद बच्चे को बुखार आने वाला है |
  • बुखार आने पर बच्चे का सर बिल्कुल ठंडा हो जाता है, और उसके शरीर में बेचैनी महसूस होती है | जिन बच्चों को बुखार आता है उन बच्चों को शरीर में बहुत ज्यादा दर्द होता है, अगर आपने उन्हें खेलने के लिए कहा तो भी वह खेलेंगे नहीं | क्योंकि शरीर टूटने लगता है, सांस तेज होने लगती है, जिससे बच्चे को किसी चीज को खाने का मन भी नहीं करता है |
  • कई बार उम्र में आने वाले बच्चों का सिर तेजी से दर्द होता है, यह सारे लक्षण अगर आपके बच्चे में दिखते हैं तो आपने समझ जाना है कि आपके बच्चे को बुखार आने वाला है | बच्चे को जब बुखार आने वाला होता है तब बच्चे को पेट में कब्ज होना, जी मचलना, सर गरम होना, चक्कर आना, हमेशा सोने का मन होना, यह सारे लक्षण दिखते हैं |
  • ऐसे लक्षण अगर दिखते हैं तो जल्द से जल्द आपने डॉक्टर से ट्रीटमेंट लेना चाहिए नहीं तो इस लक्षणों का रूपांतर बड़े रोग में हो सकता है |

बच्चों को बुखार का घरेलू उपाय -:

बच्चों को बुखार का घरेलू उपाय
बच्चों को बुखार का घरेलू उपाय
  • जिन बच्चों की उम्र १ साल से कम होती है वह ज्यादा से ज्यादा बीमार पड़ते रहते हैं | १ साल से कम उम्र वाले बच्चे अगर बीमार होते हैं तो आपने इस बात को सीरियसली लेना चाहिए | क्योंकि इस उम्र में बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता नहीं होती है, बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आपने बच्चे को तुलसी का पानी पिलाना चाहिए |
  • तुलसी के पानी में इम्युनिटी पावर बढ़ाने की क्षमता होती है, आपका बच्चा अगर तुलसी का पानी नहीं पीता है तो आपने तुलसी के पानी में थोड़ी मात्रा में शक्कर डालना चाहिए | अगर आपका बच्चा तुलसी के पत्ते खा सकता है तो आपने बच्चे को तुलसी के पत्ते खाने के लिए देना चाहिए | तुलसी के पत्तों का सेवन करने से बच्चे को कफ की समस्या नहीं आती है |
  • जिन बच्चों को लंबे समय से बुखार है उन बच्चों को गिलोय का रस पिलाना चाहिए | गिलोय बुखार दूर करने का आयुर्वेदिक उपाय है, गिलोय अगर बच्चे को आप दिन भर में ३ बार पिलाते हो तो बच्चे को बुखार फिर से नहीं आएगा | गिलोय के साथ-साथ अगर आप तुलसी के पत्ते और काली मिर्च पीसकर इसका मिश्रण बच्चे को दिन में तीन बार देते हो तो बच्चे का बुखार दूर होगा ही लेकिन बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी |
  • नवजात शिशु का बुखार दूर करने के लिए जायफल पीसकर बच्चे के नाक पर और छाती पर लगाएं जिससे बच्चे को सर्दी से और जुखाम से राहत मिलेगी | नवजात शिशु जब बीमार पड़ते हैं तब आपने इन बच्चों का मूड हमेशा खेलता रखना चाहिए | अगर ऐसे बच्चों को आप रुलाते हो तो यह और बीमार हो सकते हैं, जिन बच्चों की उम्र ६ साल से कम होती है उन बच्चों को मां ने अपना दूध ज्यादा से ज्यादा पिलाना चाहिए | इस उम्र में जब बच्चे बीमार होते हैं तब उन बच्चों को मां का दूध सबसे ज्यादा जरूरी होता है |
  • क्योंकि मां के दूध में इम्युनिटी पावर ज्यादा होती है, यह सारे तरीके घरेलू होने के कारण आप इन तरीकों को आसानी से अपना सकते हो | इन तरीकों को अपनाने के बाद भी अगर आपका बच्चा बीमारी से बाहर नहीं आता है तो आपने डॉक्टर की ट्रीटमेंट लेना चाहिए | ज्यादा घरेलू तरीके अपनाते ना रहे क्योंकि छोटे बच्चों की हालत क्रिटिकल होती हे |

छोटे बच्चों के बुखार के टिप्स -:

छोटे बच्चों के बुखार के टिप्स
छोटे बच्चों के बुखार के टिप्स
  • बच्चे जब बीमार पड़ते हैं तब बच्चे दिन भर सोते हैं | कई बार दिन भर सोने से बच्चों के पेट में पानी की लेवल बिल्कुल कम हो जाती है | इसलिए आपने बच्चों को थोड़े थोड़े वक्त के बाद पानी पिलाते रहना चाहिए, बच्चों के शरीर में जितना ज्यादा पानी रहेगा उतना बच्चों का शरीर स्वस्थ और मजबूत रहेगा |
  • नवजात शिशु अगर बुखार होने के बाद दिन भर रोता रहता है तो आपने यह बात डॉक्टर से कहना चाहिए | क्योंकि नवजात शिशु को क्या परेशानी हो रही है यह हम बता नहीं सकते हैं, इसलिए नवजात शिशु के मामले में ज्यादा रिस्क ना उठाएं, शिशु जब बीमार होते हैं तब आपने शिशु के पैरों के नीचे के भाग पर जैतून के तेल से हल्की मालिश करना चाहिए |
  • जैतून के तेल से बच्चों के शरीर की मालिश करने से बच्चे को ज्यादा से ज्यादा नींद आती है, और बुखार कम होने लगता है | बच्चो को जब बुखार होता हैं तब बच्चों को आरामदायक कपड़े का परिधान करना चाहिए |
  • अगर आप बच्चों को टाइट कपड़े पहनोगे तो इससे बच्चों को सफोकेशन हो सकता है, इन छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर आपने बच्चों की निगाह रखना चाहिए | बच्चों को बुखार के समय टेंपरेचर नहीं बढ़ना चाहिए, यह हमेशा ध्यान में रखे |

यह थे बच्चों के बुखार के लिए रामबाण घरेलू उपाय | दोस्तों अगर आपको हमें कोई सवाल पूछना है तो आप हमें नीचे दिए गए हुए कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हो |

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